MP: कोविड-19 से निपटने के लिए रिलीफ फंड में मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्री करेंगे सैलरी दान 

शिवराज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा, ‘हमने 1-31 जुलाई तक एक कोविड अभियान चलाया जिसमें बड़े पैमाने पर परीक्षण किए गए थे। इस अभियान का दूसरा चरण 1-14 अगस्त के बीच चलाया जाएगा। जिसमें हम कोरोना संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए सामाजिक दूरी बनाए रखने और मास्क पहनने का संकल्प लेंगे।’

भोपाल : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को सभी मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस बातचीत में मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों ने तीन महीने तक अपनी तनख्वाह का 30 फीसदी हिस्सा मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करने की बात की। इसके अलावा कोरोना की चेन तोड़ने के लिए सामाजिक दूरी और मास्क पहनने को लेकर चर्चा हुई।

शिवराज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा, ‘हमने 1-31 जुलाई तक एक कोविड अभियान चलाया जिसमें बड़े पैमाने पर परीक्षण किए गए थे। इस अभियान का दूसरा चरण 1-14 अगस्त के बीच चलाया जाएगा। जिसमें हम कोरोना संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए सामाजिक दूरी बनाए रखने और मास्क पहनने का संकल्प लेंगे।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवधि के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि सार्वजनिक रैलियां, आधारशिला कार्यक्रम, भूमि पूजन, उद्घाटन और अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेंगे, जहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो सकते हैं। इस तरह के सभी कार्यक्रम निषिद्ध रहेंगे। इन सभी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया जाएगा।

शिवराज ने मंत्रियों से कहा कि यदि आप सभी सहमत होते हैं तो हम मुख्यमंत्री राहत कोष में अपनी तनख्वाह का 30 प्रतिशत हिस्सा दान करेंगे ताकि जब तक महामारी नियंत्रण में नहीं आती है तब तक कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सके। फिर चाहे वो जुलाई, अगस्त, सितंबर या अक्तूबर हो।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से तीन महीने तक मुख्यमंत्री राहत कोष में अपनी तनख्वाह का तीस प्रतिशत हिस्सा दान करने की अपील की। उन्होंने लोगों से भी मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान देने की अपील की है।