22.1 C
Indore
Friday, October 7, 2022

क्या हो चुकी है ‘खदेड़ा होबे ‘ की शुरुआत ?

समाजवादी पार्टी नेता व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के हरदोई ज़िले के समीप संडीला क़स्बे के सागरगढ़ी झावर में गत 28 नवम्बर को एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुये कहा था कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने ‘खेला होबे’ का नारा दिया था उसी तर्ज़ पर उत्तर प्रदेश में सन् 2022 के चुनावों में भाजपा के लिए ‘खदेड़ा होबे’ का नारा दिया गया है। उधर उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से अनेक बड़े नेताओं का भाजपा से मोह भंग होना,मंत्री पद त्यागना और इनमें से अनेक नेताओं का समाजवादी पार्टी की शरण में जाना और इन सबसे भी महत्वपूर्ण विभिन्न क्षेत्रों में भाजपा नेताओं के विरुद्ध उमड़ता जनाक्रोश व इनका निरंतर होने वाला विरोध आख़िर किस ओर इशारा कर रहा है ?

वैसे तो भाजपा नेताओं के विभिन्न क्षेत्रों से ‘खदेड़े’ जाने की शुरुआत किसान आंदोलन के दौरान उसी समय हो चुकी थी जब भारतीय जनता पार्टी आला कमान की ओर से अपने मुख्यमंत्रियों,मंत्रियों,सांसदों व विधायकों को यह निर्देश दिये गये थे कि वे किसान आंदोलन से प्रभावित राज्यों व क्षेत्रों में जनता के बीच जाकर तीनों कृषि क़ानूनों के सकारात्मक पहलुओं को समझायें। इसके बाद पंजाब,हरियाणा,राजस्थान व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनेक भाजपा नेताओं ने यहां तक कि मुख्यमंत्री,उप मुख्य मंत्री,केंद्रीय मंत्री, सांसदों व विधायकों ने जैसे ही पार्टी आलाकमान के इस निर्देश पर अमल करना शुरू किया उसी समय अधिकांश क्षेत्रों से इन नेताओं के खदेड़े जाने की ख़बरें आनी शुरू हो चुकी थीं। कई जगह तो कई ‘हाई प्रोफ़ाइल’ नेताओं को किसानों के ग़ुस्से का ऐसा सामना करना पड़ा कि किसी को लुक छुप कर भागना पड़ा,किसी को दीवार कूद कर भागना पड़ा तो किसी को उनके अंगरक्षकों ने अपनी जान पर खेल कर बचाया।

इसी सिलसिले के अंतर्गत केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, राज्य मंत्री भूपेंद्र सिंह तथा बुढाना के विधायक उमेश मलिक सहित भाजपा के अनेक नेता खाप चौधरियों से मिलने शामली इलाक़े में पहुंचे थे। शामली के भैंसवाल गांव में स्थानीय लोगों द्वारा इन नेताओं व भाजपा के विरुद्ध नारेबाज़ी करते हुये इन्हें गांव में घुसने से रोका गया था। ग्रामीणों ने रास्तों में ट्रैक्टर अड़ाकर कई जगह इन नेताओं का काफ़िला रोक दिया और भाजपा व इनके मंत्रियों के विरुद्ध मुर्दाबाद के नारे लगाए थे। भैंसवाल गांव में खाप चौधरियों ने तो भाजपा प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं से मिलने तक से मना कर दिया था। इस तरह का चौतरफ़ा विरोध और ‘खदेड़ा होबे ‘ की वीडीओ वायरल होते देख भाजपा ने पूरी समझदारी का परिचय देते हुए अपना ‘ किसान समझाओ अभियान ‘ उसी समय तत्काल रूप से बंद कर दिया था बल्कि बाद में सरकार ने किसानों को समझाने के बजाये स्वयं में ही ‘समझ पैदा ‘कर इन विवादित क़ानूनों को ही वापस ले लिया था।

अब कृषि क़ानून तो सरकार ने ज़रूर वापस ले लिये परन्तु सरकार व भाजपा किसानों का विश्वास जीत पाने असफल रही है। किसान समझ रहे हैं कि उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में होने वाले चुनावों के मद्देनज़र ही सरकार ने यह क़ानून वापस लिये हैं। लिहाज़ा अभी भी किसान जगह जगह भाजपा नेताओं का ‘खदेड़ा ‘ करने में लगे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 58 सीटों पर पहले चरण में 10 फ़रवरी को मतदान होना है। प्रत्येक पार्टी प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुट गये हैं। चुनाव आयोग ने चूँकि कोरोना महामारी के दृष्टगत बड़ी चुनावी रैलियों,सभाओं व रोड शो पर रोक लगा दी है इसलिये सभी प्रत्याशी मतदाताओं के द्वार द्वार जाकर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। मतदाताओं के दरवाज़ों पर जाकर वोट माँगना भी भाजपा प्रत्याशियों को भारी पड़ रहा है। पिछले दिनों खतौली के भाजपा विधायक विक्रम सैनी अपने चुनाव प्रचार हेतु जब मुनव्वरपुर गांव पहुंचे तो स्थानीय लोगों की भारी भीड़ ने उन्हें घेर लिया। उनके विरोध जमकर नारेबाज़ी की। विधायक व उनके सहयोगियों द्वारा आक्रोषित ग्रामीणों को समझाने की भी कोशिश की गयी परन्तु ग्रामीण लोग शांत नहीं हुये। कुछ ग़ुस्साये लोगों ने तो गाली गलौच तक की। सुरक्षाकर्मियों ने बमुश्किल उन्हें ग्रामीणों के क्रोध से बचाते हुये गाड़ी में बिठाया। आख़िरकार सैनी को अपना प्रचार बीच में ही छोड़कर वापस जाना पड़ा।

इसी प्रकार पिछले दिनों उत्‍तर प्रदेश के उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जब प्रत्याशी घोषित होने के बाद शनिवार को पहली बार अपने चुनाव क्षेत्र सिराथू विधानसभा क्षेत्र के ग़ुलामीपुर गांव पहुंचे तो वहां उन्‍हें महिलाओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। गांव की महिलाओं ने मौर्य को देखते ही अपने अपने घरों के दरवाज़े बंद कर लिए। आक्रोशित महिलाओं ने उनके विरुद्ध जमकर नारेबाज़ी की और उन्हें घर में प्रवेश तक नहीं करने दिया। इसी प्रकार के समाचार विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त हो रहे हैं। निश्चित रूप से जनता के इस तरह के ‘खदेड़ा अभियान ‘ ने सत्तारूढ़ दल को बेचैन कर दिया है। जनाक्रोश का आलम तो यह है कि यदि इन ‘माननीयों ‘ के साथ सुरक्षा कर्मी न हों और इनमें ‘दुम दबाकर भागने ‘ जैसे ‘गुण ‘ न हों तो किसी तरह की अनहोनी भी घट सकती है। क्या यह हालात इस बात की ओर इशारा नहीं करते कि ‘खदेड़ा होबे ‘ की शुरुआत हो चुकी है ?
:-निर्मल रानी

Related Articles

दोगुनी भीड़ और ठाकरे परिवार में सेंध… दशहरे के पावरशो में उद्धव ठाकरे पर भारी पड़े एकनाथ शिंदे

एकनाथ शिंदे बढ़त बनाते दिखे। यहां तक कि उद्धव ठाकरे गुट ने भी यह माना है कि एकनाथ शिंदे की रैली में ज्यादा लोग...

सोनिया गांधी भी कर रही हैं भारत जोड़ो यात्रा, बीच सड़क पर राहुल गांधी ने बांधे मां के जूतों के फीते

राहुल गांधी और कांग्रेस के कई अन्य नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने गत सात सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत...

Women’s Asia Cup 2022 : थाइलैंड की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत के बाद जानें प्वाइंट टेबल का हाल, भारत नंबर 1 पर विराजमान

Women's Asia Cup 2022 Points Table: विमेंस एशिया कप 2022 के 10वें मुकाबले में थाइलैंड ने पाकिस्तान को हराकर प्वाइंट टेबल में अपना खाता...

Ind vs SA 1st ODI Match LIVE: डेढ़ बजे होगा पहले वनडे मैच का टॉस, पिच से हटाए जा रहे हैं कवर

Ind vs SA 1st ODI Match LIVE: लखनऊ में बारिश जारी है और इस वजह से भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पहला वनडे...

उदित नारायण को आया हार्ट अटैक? मैनेजर ने बताई वायरल मैसेज की हकीकत

सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहा udit narayan heart attack नाम से हैशटैग की आखिर पूरी सच्चाई क्या है? रिपोर्ट्स के मुताबिक कल रात...

The Ghost Box Office: ओपनिंग डे पर कैसा रहा नागार्जुन की फिल्म का हाल?

Superstar Chiranjeevi की फिल्म God Father के बाद अब साउथ स्टार नागार्जुन की फिल्म द घोस्ट (The Ghost) रिलीज हो गई है। चिरंजीवी के...

तानाशाह मुर्दाबाद’ के नारों से गूंजा ईरान, स्कूल की लड़कियां भी पीछे नहीं, हिजाब को लगा दी आग

ईरान में आंदोलन को कुचलने के बहुत प्रयास हो रहे हैं लेकिन महिलाओं की आवाज सुनने को सरकार तैयार नहीं है। अब आंदोलन लगातार...

मेक्सिको में बंदूकधारियों ने की अंधाधुंध फायरिंग, मेयर समेत 18 की मौत

मेक्सिको में एक शहर में अधाधुंध गोलीबारी में मेयर समेत 18 लोगों की मौत हो गई है जिनमें कई पुलिस अधिकारी भी शामिल है।...

PMI Index: सितंबर में सर्विस सेक्टर की गतिविधि छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई

PMI Index: भारत में सेवा क्षेत्र की गतिविधि सितंबर में छह महीने के निचले स्तर पर आ गई। इस दौरान मुद्रास्फीति के दबाव के...

Stay Connected

5,577FansLike
13,774,980FollowersFollow
128,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

दोगुनी भीड़ और ठाकरे परिवार में सेंध… दशहरे के पावरशो में उद्धव ठाकरे पर भारी पड़े एकनाथ शिंदे

एकनाथ शिंदे बढ़त बनाते दिखे। यहां तक कि उद्धव ठाकरे गुट ने भी यह माना है कि एकनाथ शिंदे की रैली में ज्यादा लोग...

सोनिया गांधी भी कर रही हैं भारत जोड़ो यात्रा, बीच सड़क पर राहुल गांधी ने बांधे मां के जूतों के फीते

राहुल गांधी और कांग्रेस के कई अन्य नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने गत सात सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत...

Women’s Asia Cup 2022 : थाइलैंड की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत के बाद जानें प्वाइंट टेबल का हाल, भारत नंबर 1 पर विराजमान

Women's Asia Cup 2022 Points Table: विमेंस एशिया कप 2022 के 10वें मुकाबले में थाइलैंड ने पाकिस्तान को हराकर प्वाइंट टेबल में अपना खाता...

Ind vs SA 1st ODI Match LIVE: डेढ़ बजे होगा पहले वनडे मैच का टॉस, पिच से हटाए जा रहे हैं कवर

Ind vs SA 1st ODI Match LIVE: लखनऊ में बारिश जारी है और इस वजह से भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पहला वनडे...

उदित नारायण को आया हार्ट अटैक? मैनेजर ने बताई वायरल मैसेज की हकीकत

सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहा udit narayan heart attack नाम से हैशटैग की आखिर पूरी सच्चाई क्या है? रिपोर्ट्स के मुताबिक कल रात...