नई दिल्ली- एनडीएमसी अधिकारी एमएम खान हत्याकांड में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोप के मुद्दे पर भाजपा सांसद महेश गिरी कांस्टीट्यूशन क्लब में खुली बहस के लिए उनका एक घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री के नहीं आने पर गिरी ने शाम 5 बजे उनके निवास पर धरना देकर अन्न व जल त्याग दिया। वहीं आज भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी महेश गिरी के समर्थन में धरना देने पहुंचे। स्वामी ने कहा कि मैं इसलिए आया हूं क्योंकि केजरीवाल ने महेश गिरी पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि केजरीवाल आरोप साबित करें या फिर माफी मांगकर त्यागपत्र दें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे धरने पर ही बैठे रहेंगे और अपने ऊपर लगे कलंक को खत्म कर ही यहां से उठेंगे। उन्होंने कहा कि योगी हूं, महात्मा गांधी के सिखाए रास्ते पर चलने वाला हूं। खुली बहस के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा, समाचार पत्रों एवं होर्डिंग आदि के माध्यम से खुले मंच पर आमंत्रित किया, लेकिन न केजरीवाल पहुंचे और न ही उनका कोई प्रतिनिधि।
उन्होंने जनता से अपील की कि झूठे को आईना दिखाना बेहद जरूरी है। गिरी ने पत्र लिखकर कहा कि केजरीवाल झूठ की बुनियाद पर अपनी नाकामयाबी छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। धरना देने के पहले गिरी ने दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में इस मुद्दे पर खुली बहस के लिए केजरीवाल को आमंत्रित किया था।
एक घंटे इंतजार के बाद जब केजरीवाल वहां नहीं पहुंचे तो गिरी रविवार शाम पांच बजे अपने समर्थकों के साथ उनके निवास पहुंच गए और समर्थकों के साथ वहीं धरने पर बैठ गए। यहां उन्होंने कहा कि जब तक केजरीवाल हमारे ऊपर लगाए गए कलंक पर माफी नहीं मांगते, तब तक धरना जारी रहेगा। योगी हूं, महात्मा गांधी के सिखाए रास्ते पर चलने वाला हूं।
उन्होंने कहा कि खुली बहस के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा, समाचार पत्रों एवं होर्डिंग आदि के माध्यम से खुले मंच पर आमंत्रित किया, लेकिन ना ही केजरीवाल पहुंचे और ना ही उनका कोई प्रतिनिधि आया। उन्होंने जनता से अपील की कि झूठे को आइना दिखाना बेहद जरूरी है। महेश गिरी ने यह भी संदेह जताया कि आम आदमी पार्टी से जुड़े लोग उनके बहस के कार्यक्रम व धरना में हंगामा कर सकते हैं। गिरी ने खुला पत्र लिखकर कहा कि केजरीवाल झूठ की बुनियाद पर अपनी नाकामयाबी छुपाने की कोशिश कर रहे हैं।














