#Budget_2020 : रेलवे के लिए हुए बड़े ऐलान, 150 ट्रेन पीपीपी मोड में चलाने का फैसला

मोदी सरकार ने इस बजट में 550 रेलवे स्टेशनों पर वाई फाई सुविधा देने का ऐलान किया है। इसके अलावा 27 हजार किलोमीटर ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन होगा। वित्त मंत्री ने बताया कि मानव रहित रेल फाटकों को पूरी खत्म कर दिया गया है। उन्‍होंने ऐलान किया कि मुंबई से अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड रेल के कार्य में तेजी लाई जाएगी।

नई दिल्‍ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश कर रही हैं। बजट पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। हर कोई ये जानना चाह रहा है कि किस क्षेत्र में क्‍या-क्‍या घोषणाएं हुईं। बजट में रेलवे को लेकर भी कई बड़े ऐलान किए गए हैं। मोदी सरकार ने इस बजट में 550 रेलवे स्टेशनों पर वाई फाई सुविधा देने का ऐलान किया है। इसके अलावा 27 हजार किलोमीटर ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन होगा। वित्त मंत्री ने बताया कि मानव रहित रेल फाटकों को पूरी खत्म कर दिया गया है। उन्‍होंने ऐलान किया कि मुंबई से अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड रेल के कार्य में तेजी लाई जाएगी।

ये नए उपाय किए जाएंगे
सोलर पावर ग्रिड रेल पटरी के किनारे बनेगा।
150 ट्रेन पीपीपी मोड में चलाने का फैसला।
तेजस जैसे ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। तेजस जैसी ट्रेनों से टूरिस्ट जगहों को जोड़ा जाएगा।
148 किलोमीटर बेंगलूरू ऊपनगरीय ट्रेन सिस्टम बनेगा। केंद्र सरकार 25% पैसा देगी।
इस पर 18 हजार 600 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
पीपीपी के तहत चार स्टेशन पुनर्विकास परियोजना।

आपको बता दें कि 21 सितम्बर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 92 साल से चली आ रही रेल बजट की परंपरा को खत्म कर दिया था। कैबिनेट ने रेल बजट को आम बजट में मिलाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी थी। उसके बाद से ही (साल 2017 से) रेल बजट अब अलग से पेश नहीं किया जाता है।

बजट से जुड़ी कुछ खास बातें

lबजट शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा के ‘बॉजेट’ से हुई है, जिसका अर्थ होता है चमड़े का बटुआ
। बजट के जरिए सरकार अगले साल के आय-व्यय का ब्योरा पेश करती है।
वर्ष 2000 तक आम बजट शाम 5 बजे पेश होता था, लेकिन वाजपेयी सरकार के वक्त इसे बदला गया और तब के वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने इसे 11 बजे पेश करना शुरू किया था।
जेम्स विल्सन को भारतीय बजट का संस्थापक कहते हैं।
भारत का पहला बजट 18 फरवरी 1860 को वायसराय की परिषद में जेम्स विल्सन ने पेश किया था।
स्वतंत्र भारत का पहला बजट तत्कालीन वित्तमंत्री आर के शनमुखम चेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया था।
पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने पीएम के साथ वित्तमंत्री भी रहते हुए बजट पेश किए थे।
नेहरू ऐसे पहले पीएम थे जिन्होंने बजट पेश किया था।
भारतीय इतिहास में सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड वित्तमंत्री मोरारजी देसाई के नाम है, वित्तमंत्री रहते हुए उन्होंने दस बार बजट पेश किया था। मोरारजी देसाई के बाद अगर किसी का नाम आता है तो वे हैं पी चिदंबरम जिन्होंने 9 बार बजट पेश किया।