मुंबई- शिवसेना ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए अपने मुखपत्र सामना में लिखा कि कब तक भारत अमरीका से सिर्फ कर्ज लेना या हवाई जहाज लेना सीखेगा। भारत को अमरीका से सीखना चाहिए कि किस तरह दुश्मन पर हमला करते हैं।
पार्टी ने कहा कि अमरीका ने एक बार हिम्मत दिखाई। तालिबान के प्रमुख मुल्ला अख्तर मंसूर को अमरीका ने अब पाकिस्तान में घुसकर मौत की नींद सुला दिया। इसी तरह की हिम्मत उसने 2011 में ओसामा बिन लादेन के खिलाफ दिखाई थी। अन्य मौकों पर शेखी बघारने वाले भारत को अब अमरीका की इस कार्रवाई से सबक लेना चाहिए।
सामना के संपादकीय में लिखा गया, हमारे प्रधानमंत्री मोदी ओबामा के प्रेम में पड़े हैं, उन्होंने अमरीका से क्या सीखा? क्या लिया? तो सिर्फ कर्ज, उधारी या रक्षा दल के लिए हवाई जहाज। ऐसे में इन सब चीजों को खरीदते समय अमरीका नाम महासत्ता विदेशी मुल्कों में घुसकर सीधे दुश्मनों का खात्मा कर देती है, यह हिम्मत कम-से-कम उधारी पर मिलती है क्या?
पाकिस्तान पर भी हमला बोलते हुए शिवसेना ने कहा कि समझदार को शब्दों की मार पर्याप्त होती है, लेकिन पाकिस्तानी आतंकवादियों को बंदूक की भाषा ही समझ आती है। इसलिए अमरीका की तरह कदम उठाए बिना भारत का भविष्य सुरक्षित नहीं रहेगा।














