मध्यप्रदेश: भाजपा कार्यालय को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेरा, हंगामा

भाजपा कार्यालय पर कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद डीआईजी इरशाद वली मौके पर पहुंचे और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से बात की।

भोपाल : मध्यप्रदेश में सियासी हालात दिन ब दिन बदलते और बिगड़ते जा रहे हैं। ताजा घटनाक्रम के अनुसार बंगलुरू में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भोपाल में भाजपा कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता बाहर लगी बैरिकेडिंग तोड़कर भाजपा कार्यालय में घुस गए, इस दौरान दोनों पार्टी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और हंगामा बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।

भाजपा कार्यालय पर कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद डीआईजी इरशाद वली मौके पर पहुंचे और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से बात की।

उधर, सीहोर में भी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का विरोध-प्रदर्शन के लिए जा रहे कार्यकर्ताओं को क्रिसेंट रिसोर्ट पर रोक लिया गया। वह भजन गाते हुए और फूल लेकर विरोध-प्रदर्शन के लिए जा रहे थे। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के सीहोर स्थित रिसोर्ट में क्रिकेट खेलने की तस्वीर सामने आई। यह वही रिसोर्ट हैं जहां भाजपा ने अपने विधायकों को ठहराया हुआ है।

दिग्विजय सिंह की याचिका हाईकोर्ट में खारिज
मध्यप्रदेश में जारी सियासी उठापटक के बीच बुधवार सुबह बंगलूरू में भूख हड़ताल पर बैठे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एक प्रेस कान्फ्रेंस कर भाजपा और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जमकर निशाना साधा। वहीं दूसरी ओर सिंह की ओर से दाखिल बंगलूरू में ठहरे कांग्रेस विधायकों से मुलाकात कराने का स्थानीय पुलिस को निर्देश देने की मांग वाली याचिका को कर्नाटक हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।

बता दें कि कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कोर्ट से कहा था कि वह मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों से मुलाकात करने के लिए बंगलूरू पुलिस को निर्देश जारी करे।

बुधवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस कर दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की जानकारी दी थी। इस दौरान उन्होंने भाजपा और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जमकर निशाना भी साधा था। उन्होंने कहा था कि भाजपा निर्वाचित सरकार को गिराने में व्यस्त है।

हालांकि हमने मध्य प्रदेश सरकार को अस्थिर करने की उसकी योजना को सफलतापूर्वक विफल कर दिया, लेकिन हमें ज्योतिरादित्य सिंधिया ने निराश किया, जिन्होंने कांग्रेस में रहते हुए एक बहुत ही सफल करियर बनाया। हमने कभी यह उम्मीद नहीं की कि वह हमें धोखा देंगे और बीजेपी से हाथ मिला लेंगे।

दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि मैंने कर्नाटक उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है, जिसमें बंगलूरू में मौजूद मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों से मिलने की अनुमति मांगी गई है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मैंने उपवास पर रहने का फैसला किया है और उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के फैसले के बाद ही इस पर विचार करूंगा।

भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखा पत्र
मध्य प्रदेश बीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार दिग्विजय सिंह, रामदा होटल में ठहरे विधायकों पर उनके पक्ष में वोट करने का दबाव डालने के लिए बंगलूरू गए हैं, यह मॉडल कोड का उल्लंघन है।

पत्र में आगे कहा गया है कि इसलिए अनुरोध है कि दिग्विजय सिंह (कांग्रेस नेता) और अन्य के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए ताकि राज्यसभा चुनाव शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से हो सकें।

इससे पहले बुधवार सुबह कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह बंगलूरू के रामदा होटल के पास बागी विधायकों से मिलने को लेकर धरने पर बैठ गए थे। जहां से पुलिस ने उन्हें हटाया और थाने लेकर गई थी। उन्हें बंगलूरू पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया था, जहां वे भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।

उनके साथ मध्यप्रदेश कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा और कांतिलाल भूरिया भी इस दौरान मौजूद थे। वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना था कि जरूरत पड़ने पर वह बंगलूरू जा सकते हैं। इसी बीच राज्य सरकार ने तीन नए जिलों के गठन को मंजूरी दे दी थी।

कमलनाथ कैबिनेट का बड़ा फैसला
मध्यप्रदेश सरकार ने तीन नए जिलों के गठन को मंजूरी दे दी है। कांग्रेस विधायक काफी समय से इसकी मांग कर रहे थे। चाचौड़ा, नागदा और मैहर नए जिले बनेंगे।

कांग्रेस के 22 विधायकों ने पुलिस महानिदेशक को लिखा पत्र
बंगलूरू के रमादा होटल में ठहरे हुए कांग्रेस के 22 बागी विधायकों ने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने महानिदेशक से अनुरोध किया है कि उनकी सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी कांगेस नेता/सदस्य को उनसे मिलने न दिया जाए।

दिग्विजय को हिरासत में लेने को कमलनाथ ने बताया हिटलरशाही
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बंगलूरू पुलिस द्वारा हिरासत में लेने को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तानाशाही और हिटलरशाही बताया है। सिंह ने आज बंगलूरू के रामादा होटल के पास धरना दिया था। वह विधायकों से मिलने की मांग पर अड़े थे। जहां से पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया।

कमलनाथ से जब पूछा गया कि क्या वह बंगलूरू के रामादा होटल में ठहरे हुए कांग्रेस विधायकों से मिलने के लिए जाएंगे तो उन्होंने कहा, यदि जरुरत पड़ती है तो मैं जरूर जाऊंगा। वहीं ट्वीट के जरिए उन्होंने कथित तौर पर बंधक बनाए गए विधायकों को रिहा करने की मांग की। लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मूल्यों व अधिकारो का दमन किया जा रहा है। हमारे हिरासत में लिए गए नेताओ को शीघ्र रिहा किया जाए और बंधक विधायकों से मिलने की इजाजत दी जाए।