#BoycottMillennials :वित्त मंत्री ने ओला और उबर को बताया जिम्मेदार, ट्विटर खूब हुई ट्रोल

नई दिल्लीः मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा ऑटो सेक्टर में छाई मंदी के लिए एप बेस्ड कैब सेवा प्रदाता कंपनी ओला और उबर को जिम्मेदार बताने के बाद सोशल मीडिया पर बुधवार को इसका खूब मजाक बनने लगा। लोगों का कहना है कि अर्थव्यवस्था में छाई मंदी को लेकर के वित्त मंत्री का ज्ञान अधूरा है। ट्विटर पर शहरी क्षेत्रों में रहने वाले युवा वर्ग को मंदी के जिम्मेदार बताने वाला बयान देने के बाद लोग इनका बायकॉट करने की बात कहने लगे। ट्विटर पर #BoycottMillennials और #SayItLikeNirmalaTai ट्रेंड करने लगा।

वित्त मंत्री ने कहा था कि शहरी क्षेत्रों में लोग अपनी गाड़ी से चलने के बजाए ओला-उबर को पसंद करने लगे हैं। 22 साल की सबसे बड़ी गिरावट पर उन्होंने आगे कहा कि ऑटो सेक्टर बीएस6 की और लोगों की सोच की वजह से ज्यादा प्रभावित है। अब लोग ओला उबर गाड़ी खरीदने की तुलना में ज्यादा पसंद कर रहे हैं। पिछले 22 सालों में ऑटो सेक्टर सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। वाहनों की बिक्री 23.55 फीसदी गिर गई है।

लोग देश में आई मंदी के लिए मिलेनियल्स को जिम्मेदार बताने लगे। एक यूजर सुंदर ने लिखा कि भेल 15 साल के निचले स्तर पर है क्योंकि लोग पानीपुरी खाने लगे हैं। रियल एस्टेट में इसलिए मंदी है क्योंकि लोगों ने लिव-इन में रहना शुरू कर दिया है। वहीं कृषि क्षेत्र में गिरावट इसलिए आई है क्योंकि लोगों ने दाल रोटी के बजाए पिज्जा खाना शुरू कर दिया है।

एक यूजर स्नेहा ने लिखा कि भारत में 727 जिले और 5564 तालुका हैं, जबकि ओला उबर केवल 209 शहरों में कार्यरत हैं। इस हिसाब से आंकड़ा 3.32 फीसदी हुआ। भगवान से डरो आंटी!

एक अन्य यूजर ऑप्टिमिस्ट ने लिखा भाजपा अर्थव्यवस्था को आईफोन 11 की तरह देखती है, जिसमें तीन कैमरे हैं। लेकिन हकीकत में यह नारियल की तीन आंख की तरह हैं।